इंतज़ार ज़िंदा रखा हैं

धैर्य को तन पर सदा से अटका रखा हैं !
पथराई सी मुस्कान लिए तुम्हारा इंतज़ार ज़िंदा रखा हैं !

उम्मीदों को मन पर सदा से लिपटा रखा हैं !
पथराई सी मुस्कान लिए तुम्हारा इंतज़ार ज़िंदा रखा हैं !

निगाहों को रास्तों पर सदा से भटका रखा हैं !
पथराई सी मुस्कान लिए तुम्हारा इंतज़ार ज़िंदा रखा हैं !

इरादों को बातों पर सदा से लटका रखा हैं !
पथराई सी मुस्कान लिए तुम्हारा इंतज़ार ज़िंदा रखा हैं !

तलब को साँसों पर सदा से सिमटा रखा हैं !
पथराई सी मुस्कान लिए तुम्हारा इंतज़ार ज़िंदा रखा हैं! 

लम्हों को यादों पर सदा से अटका रखा हैं !
पथराई सी मुस्कान लिए तुम्हारा इंतज़ार ज़िंदा रखा हैं…!!!

इंतज़ार ज़िंदा रखा हैं | Intezar Zinda Rakha Hain Hindi Poetry By Priya Pandey

Intezar Zinda Rakha Hain

Dhairya Ko Tan Par Sada Se Atka Rakha Hain !
Pathrai Si Muskan Liye Tumhara Intezar Zinda Rakha Hain !

Ummeedo Ko Man Par Sada Se Lipta Rakha Hain !
Pathrai Si Muskan Liye Tumhara Intezar Zinda Rakha Hain !

Nigahon Ko Raston Par Sada Se Bhatka Rakha Hain !
Pathrai Si Muskan Liye Tumhara Intezar Zinda Rakha Hain !

Iraado Ko Baaton Par Sada Se Latka Rakha Hain !
Pathrai Si Muskan Liye Tumhara Intezar Zinda Rakha Hain !

Talab Ko Saanson Par Sada Se Simta Rakha Hain !
Pathrai Si Muskan Liye Tumhara Intezar Zinda Rakha Hain! 

Lamhon Ko Yaadon Par Sada Se Atka Rakha Hain !
Pathrai Si Muskan Liye Tumhara Intezar Zinda Rakha Hain…!!!


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