निर्धनता

निर्धनता की छाया में जेबें सुस्त सी पड़ी थी !
अकाल की माया में ख्वाहिशें लुप्त सी पड़ी थी !

निर्धनता की छाया में देहें सुस्त सी पड़ी थी !
अकाल की माया में ज़रूरतें लुप्त सी पड़ी थी !

निर्धनता की छाया में इज़्ज़त गुप्त सी पड़ी थी !
अकाल की माया में मजबूरी चुस्त सी खड़ी थी !

निर्धनता की छाया में सुविधा गुप्त सी पड़ी थी !
अकाल की माया में ज़िंदगी सुस्त सी पड़ी थी !

निर्धनता की छाया में लाचारी चुस्त सी खड़ी थी !
अकाल की माया में अहमियत लुप्त सी पड़ी थी !

निर्धनता की छाया में झोपड़ियाँ सुस्त सी पड़ी थी !
अकाल की माया में सहायता लुप्त सी पड़ी थी…!!!

निर्धनता Nirdhanta Hindi Thoughts By Priya Pandey

Nirdhanta

Nirdhanta Ki Chhaya Mein Jeben Sust Si Padi Thi !
Akaal Ki Maya Mein Khwahishe Lupt Si Padi Thi !

Nirdhanta Ki Chhaya Mein Dehen Sust Si Padi Thi !
Akaal Ki Maya Mein Zarurate Lupt Si Padi Thi !

Nirdhanta Ki Chhaya Mein Izzat Gupt Si Padi Thi !
Akaal Ki Maya Mein Majboori Chust Si Khadi Thi !

Nirdhanta Ki Chhaya Mein Suvidha Gupt Si Padi Thi !
Akaal Ki Maya Mein Zindagi Sust Si Padi Thi !

Nirdhanta Ki Chhaya Mein Lachari Chust Si Khadi Thi !
Akaal Ki Maya Mein Ahamiyat Lupt Si Padi Thi !

Nirdhanta Ki Chhaya Mein Jhopadiya Sust Si Padi Thi !
Akaal Ki Maya Mein Sahayata Lupt Si Padi Thi…!!!


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