बेजुबान कहानियाँ

किसी की बेज़ुबान कहानियों से, मैं आहिस्ता आहिस्ता रूबरू होने लगी हूँ !
फिर उन्हीं कहानियों की पंक्तियों से, मैं आहिस्ता आहिस्ता छेड़खानी करने लगी हूँ !

किसी की बेज़ुबान कहानियों को, मैं धीरे धीरे कुरेदने लगी हूँ !
फिर उन्हीं कहानियों को उठा कर, मैं थोड़ी थोड़ी फ़रेबी बनने लगी हूँ !

किसी की बेज़ुबान कहानियों में, मैं आहिस्ता आहिस्ता अपनी कहानियाँ जोड़ने लगी हूँ !
केवल अपनी ही कहानियों को दोहराते दोहराते, मैं थोड़ा थोड़ा ऊबने लगी हूँ !

किसी की बेज़ुबान कहानियों को, मैं आहिस्ता आहिस्ता समझने लगी हूँ !
फिर उन्हीं कहानियों में, मैं अपनी चीखती आवाज़ों को मशहूर करने लगी हूँ !

किसी की बेज़ुबान कहानियों में, मैं अपने शीर्षक को तलाशने लगी हूँ !
फिर उन्हीं कहानियों में, मैं अपनी ही कहानियों का अंत ढूँढने लगी हूँ...!!!

Bezubaan Kahaniya Hindi Thoughts Written by Priya Pandey

Bezubaan Kahaniya

Kisi Ki Bezubaan Kahaniyo Se, Main Aahista Aahista Rubaru Hone Lagi Hu !
Phir Unhi Kahaniyo Ki Panktiyon Se, Main Aahista Aahista Chedkhani Karne Lagi Hu !

Kisi Ki Bezubaan Kahaniyo Ko, Main Dheere Dheere Kuredane Lagi Hu !
Phir Unhi Kahaniyo Ko Utha Kar, Main Thodi Thodi Farebi Banne Lagi Hu !

Kisi Ki Bezubaan Kahaniyo Mein, Main Aahista Aahista Apni Kahaniya Jodane Lagi Hu !
Keval Apni Hi Kahaniyo Ko Dohraate Dohraate, Main Thoda Thoda Ubane Lagi Hu !

Kisi Ki Bezubaan Kahaniyo Ko, Main Aahista Aahista Samajhne Lagi Hu !
Phir Unhi Kahaniyo Mein, Main Apni Chikhati Aawazo Ko Mashhoor Karne Lagi Hu !

Kisi Ki Bezubaan Kahaniyo Mein, Main Apne Sheershak Ko Talashne Lagi Hu ! Phir Unhi Kahaniyo Mein, Main Apni Hi Kahaniyo Ka Anth Dhundhne Lagi Hu...!!!


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