परिवर्तन 

परिवर्तन की परम्परा से मन ये सहमा हुआ है

लगता है इसका जीवन से कोई सौदा हुआ है


ऐसी भी क्या नाराज़गी है इतना कठोर वो क्यूँ हुआ है

परिवर्तन की इस परम्परा से मन ये सहमा हुआ है

सबके ही जीवन में ना कभी कुछ स्थिर हुआ है 

जब जब जो स्थिर हुआ है 

तब तब ही उसका पलायन हुआ है


सृष्टि के इस नियम से बस सबका ही गठजोड़ हुआ है

कुछ के लिए लाभ ही सही तो कुछ के लिए नुक़सान भरा सौदा हुआ है...!!!

परिवर्तन | Parivartan Inspirational Hindi Poetry Written By Priya Pandey Hindi Poem, Poetry, Quotes, काव्य, Hindi Content Writer. हिंदी कहानियां, हिंदी कविताएं, Urdu Shayari, status, बज़्म

Parivartan Ki Parampra Se Man Ye Sehma Hua Hai

Lagta Hai Iska Jeevan Se Koi Sauda Hua Hai


Aisi Bhi Kya Naraazgi Hai Itna Kathor Wo Kyu Hua Hai

Parivartan Ki Is Parampra Se Man Ye Sehma Hua Hai

Sabke Hi Jeevan Mein Na Kabhi Kuch Sthir Hua Hai 

Jab Jab Jo Sthir Hua Hai 

Tab Tab Hi Uska Palayan Hua Hai


Sarshti Ke Is Niyam Se Bas Sabka Hi Gathjod Hua Hai

Kuch Ke Liye Labh Hi Sahi To Kuch Ke Liye Nuksan Bhara Sauda Hua Hai...!!!


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