नैनों का दिल से कुछ यूँ है कहना

तेरी यातनाओं से कब तक भरती रहूँ मैं अपनी रैना!


तू तो समेट ले आता है यूँ तो हर दर्द को 

क़ैद कर लेता है फिर क्यूँ चार दीवारों में उनको!


यातनायें भी बिलखती मचलती रहती है 

नैनों से अब तो आज़ाद होने को!


संवेदनाओं के घेरे में मैं हर रोज़ हुआ करती हूँ

यातनाएँ तू सहे और मैं बिन इच्छा बहा करती हूँ!


नैनों का दिल से कुछ यूँ है कहना...!!!

नैनों का दिल से कुछ यूँ है कहना | Naino Ka Dil Se Kuch Yu Hai Kahna Hindi Poetry Written By Priya Pandey Hindi Poem, Poetry, Quotes, काव्य, Hindi Content Writer. हिंदी कहानियां, हिंदी कविताएं, Urdu Shayari, status, बज़्म

Naino Ka Dil Se Kuch Yu Hai Kahna

Teri Yatnao Se Kab Tak Bharti Rahu Main Apni Raina ! 


Tu To Samet Le Aata Hai Yu To Har Dard Ko 

Qaid Kar Leta Hai Phir Kyu Char Diwaro Mein Unko ! 


Yatanaye Bhi Bilakhti Machlati Rahti Hai 

Naino Se Ab To Aazaad Hone Ko ! 


Savednao Ke Ghere Mein Main Har Roz Hua Karti Hu

Yatnae Tu Sahe Aur Main Bin ichha Baha Karati Hu ! 


Naino Ka Dil Se Kuch Yu Hai Kahna...!!!


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