मनगढ़न्त दुनिया

निष्ठुर संसार में मैं अपनी एक मनगढ़न्त दुनिया हूँ!
तिमिर संसार में मैं अपनी एक मनगढ़न्त दुनिया हूँ!
सकल संसार में मैं अपनी एकमात्र सत्ता प्रभारी हूँ!
निष्ठुर संसार में मैं अपनी एक मनगढ़न्त दुनिया हूँ!

संसार के रंगमंच पे मैं अपना एकमात्र किरदार हूँ!
संसार में विविधता से पलती मैं अपनी एकमात्र संस्कृति हूँ!
जल थल नभ का मैं अपना एकमात्र संगम हूँ!
विशाल संसार में मैं अपनी एक मनगढ़न्त दुनिया हूँ!

अज्ञानी संसार में मैं अपनी एक एकमात्र ज्ञानी हूँ!
दुराचारी संसार में मैं अपनी एकमात्र करुणा हूँ!
असफ़ल संसार में मैं अपनी एकमात्र सफल कुंजी हूँ!
तिमिर संसार में मैं अपनी एक मनगढ़न्त दुनिया हूँ!

इस विशाल संसार में मैं अपनी एक सूक्ष्म सी दुनिया हूँ!
मेरी दुनिया मेरा संसार मैं अपनी ही एकमात्र कठपुतली हूँ...!!!

मनगढ़न्त दुनिया Mangadhnt Duniya Hindi Thoughts Written By Priya Pandey

Mangadhnt Duniya

Nishthur Sansar Mein Main Apni Ek Mangadhnt Duniya Hu !
Timir Sansar Mein Main Apni Ek Mangadhnt Duniya Hu !
Sakal Sansar Mein Main Apni Ekmatra Satta Prabhari Hu !
Nishthur Sansar Mein Main Apni Ek Mangadhnt Duniya Hu ! 

Sansar Ke Rangmanch Pe Main Apna Ekmatra Kirdaar Hu !
Sansar Mein Vividhata Se Palti Main Apni Ekmatra Sanskrti Hu !
Jal Thal Nabh Ka Main Apna Ekmatra Sangam Hu !
Vishal Sansar Mein Main Apni Ek Mangadhnt Duniya Hu ! 

Agyani Sansar Mein Main Apni Ek Ekmatra Gyani Hu !
Durachari Sansar Mein Main Apni Ekmatra Karuna Hu !
Asafal Sansar Mein Main Apni Ekmatra Safal Kunji Hu !
Timir Sansar Mein Main Apni Ek Mangadhnt Duniya Hu ! 

Is Vishal Sansar Mein Main Apni Ek Sukshm Si Duniya Hu !
Meri Duniya Mera Sansar Main Apni Hi Ekmatra Kathputli Hu...!!!


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