मनन-चिंतन भी है कौशल बुद्धि से निर्मित,

बिन चिंतन ना होता जिनसे जीवन में कुछ भी अर्जित !


निरंतर चिंतन ही खूबियों को निखारता है,

तो सामान्य त्रुटियों से सबको अवगत भी करवाता है !


मनन-चिंतन के बग़ैर तो व्यर्थ ही सबकी सोच है,

बिन लग्न और एकाग्रता के हर मेहनत पुरज़ोर है !


सामान्य सा है जीवन का पाठ, 

सबको क्यूँ उलझें विषयों की तलाश है !


सरल सा तो सार है इस जीवन का,

फिर क्यूँ व्यक्ति को जटिलता की तलाश है !


मनन-चिंतन ही है कौशल बुद्धि से निर्मित,

बिन चिंतन ना होता जिनसे जीवन में कुछ भी अर्जित....!!!

सार्वभौमिक मनन-चिंतन  Hindi Poetry Written By Priya Pandey Hindi Poem, Poetry, Quotes, कविता, Written by Priya Pandey Author and Hindi Content Writer. हिंदी कहानियां, हिंदी कविताएं, विचार, लेख


Manan-Chintan Bhi Hai Kaushal Buddhi Se Nirmit,

Bin Chintan Na Hota Jinse Jeevan Mein Kuch Bhi Arjit ! 


Nirantar Chintan Hi Khubiyo Ko Nikharta Hai,

To Samanya Trutiyon Se Sabko Avagat Bhi Karvata Hai ! 


Manan-Chintan Ke Bagair To Vyarth Hi Sabki Soch Hai,

Bin Lagn Aur Ekagrta Ke Har Mehnat Purzor Hai ! 


Samanya Sa Hai Jeevan Ka Paath, 

Sabko Kyu Ulajhe Vishyon Ki Talash Hai! 


Saral Sa To Saar Hai Is Jeevan Ka,

Phir Kyu Vyakti Ko Jatilata Ki Talash Hai! 


Manan-Chintan Hi Hai Kaushal Buddhi Se Nirmit,

Bin Chintan Na Hota Jinse Jeevan Mein Kuch Bhi Arjit....!!!